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  • Nikunj Sodagar

1st Law of Failure Need(2019)

Updated: Oct 21, 2019

First law of failure is need/requirement. Person must have clear idea about his need or requirement. If person is not clear about needs and requirements never get success. If person has no need or reason for success in work or plan. He will be not interested in work, project or plan. So, it is understood that person is not going to do work execute plan without interest and will have no concern about completion of work or project successfully. In such case chances of success is very law.

As the need is large success will be big. In other way we can say success is in proportion of needs. Need is large success will be large, without understanding need no one can set goals in his life. Without setting up goal no one can design or prepare a plan to achieve it.

If any one who want to be successful in any field, any work or life must have great big need or reason to do or carried out that work or plan. He must realize importance of work or activity or plan in his life. He/She must understand, What he will going achieve at the end of successful completion of project, plan or work. What change comes in his life on success in work or project.


If person understand why he need to do any work or activity and reason to be successful in that. He will be self motivated.

1 असफलता का पहला नियम आवश्यकता है। (2019)

व्यक्ति को अपनी आवश्यकता के बारे में स्पष्ट विचार होना चाहिए। यदि व्यक्ति जरूरतों और आवश्यकताओं के बारे में स्पष्ट नहीं है, तो उसे कभी भी सफलता नहीं मिलती है। यदि व्यक्ति को कार्य या योजना में सफलता की कोई आवश्यकता या कारण नहीं है तो वह काम, परियोजना या योजना में दिलचस्पी नहीं रखेगा। तो यह समझा जाता है कि व्यक्ति बिना रस से कार्य कर ने वाला है और उसे कार्य या परियोजना के सफलतापूर्वक पूरा होने मॆ उसे की कोई चस्पि नहीं है। इस तरह कि स्थिति में सफलता की संभावना बहुत कम है।

जितनीबड़ी जरुरत है सफलता उतनी बड़ी होगी। दूसरे तरीके से हम कह सकते हैं कि सफलता जरूरतों के अनुपात में है। अगरआवश्यकता बड़ी है सफलता भी बड़ी होगी, आवश्यकता को समझे बिना कोई भी अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित नहीं कर सकता है। लक्ष्य निर्धारित किए बिना कोई भी इसे प्राप्त करने के लिए योजना तैयार नहीं कर सकता है।

 यदि कोई भी व्यक्ति जो किसी भी क्षेत्र में सफल होना चाहता है, तो किसी भी कार्य या जीवन में उस कार्य या योजना को करने या करने की बहुत बड़ी आवश्यकता या कारण होना चाहिए। उसे अपने जीवन में काम या गतिविधि या योजना के महत्व का एहसास होना चाहिए। उसे समझना चाहिए, वह परियोजना, योजना या काम के सफल समापन के अंत में क्या हासिल करेगा। कार्य या परियोजना में सफलता पर उनके जीवन में क्या बदलाव आने वाला है।

यदि व्यक्ति यह समझता लेता है कि उसे सफल होने के लिए कोई कार्य या गतिविधि और कारण करने की आवश्य्क्ता कन्यु है वह स्वयं प्रेरित होगा।

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